अध्याय-2 घर – एक अदृश्य कार्यस्थल

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Synopsis

अगर किसी दिन आप अपने घर के दरवाज़े पर एक बोर्ड टाँग दें — 

“यह एक पूर्णकालिक कार्यस्थल है।” 

तो शायद लोग हँसेंगे।  

क्योंकि घर को हम आराम की जगह मानते हैं। 
लेकिन क्या वह सचमुच आराम की जगह है? 
या वह एक ऐसा ऑफिस है जहाँ एक ही कर्मचारी है — और वह कभी छुट्टी पर नहीं जाती? 

कल्पना कीजिए… 

मान लीजिए, एक दिन वह कह दे — 

“आज मैं काम पर नहीं जाऊँगी।” 

बस एक दिन। 

सुबह 5 बजे कोई नहीं उठेगा। 
टिफिन नहीं बनेगा। 
बच्चे की यूनिफॉर्म नहीं मिलेगी। 
दूध उबलकर गिर जाएगा। 

Published

March 8, 2026

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How to Cite

अध्याय-2 घर – एक अदृश्य कार्यस्थल . (2026). In अदृश्य श्रम:  महिलाओं का वह कार्य  जो अर्थव्यवस्था  को जीवित रखता है. Wissira Press. https://books.wissira.us/index.php/WIL/catalog/book/70/chapter/560