अध्याय-1 फल: वर्गीकरण, पोषण एवं स्वास्थ्य लाभ
Synopsis
1. फलों का वर्गीकरण
फल मुख्यतः दो प्रकार के माने गए हैं: 1. रसीले फल 2. पौष्टिक फल
1.1 रसीले फल- उदाहरण: संतरा, अंगूर, मीठा नींबू आदि। इन फलों में पर्याप्त मात्रा में लवण, अम्ल एवं शर्करा पाई जाती है, जो शरीर के पोषण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये शरीर को ताजगी प्रदान करते हैं तथा पाचन प्रक्रिया को संतुलित रखने में सहायक होते हैं।
1.2 पौष्टिक फल- उदाहरण: केला, सेब, खरबूजा, अनानास, आम और खजूर आदि। इन फलों में मुख्यतः स्टार्च और शर्करा की मात्रा पाई जाती है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है और उसे सशक्त बनाती है।
2. फलों का पोषण मूल्य- फल सामान्यतः विटामिन से भरपूरb तथा ऊर्जावर्धक होते हैं। इनमें निम्नलिखित खनिज लवण प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं: कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, सोडियम, मैग्नीशियम,
2.1 पके फलों का महत्व- पके हुए फल विशेष रूप से लाभकारी होते हैं, क्योंकि उनमें विटामिन की मात्रा अधिक होती है।
2.2 कच्चे या सड़े फलों के दुष्प्रभाव- कच्चे, अत्यधिक पके या सड़े हुए फल हैजा, दस्त, उल्टी तथा अपच जैसी समस्याएँ उत्पन्न कर सकते हैं। अतः फलों का चयन सावधानीपूर्वक करना आवश्यक है।
3. कब्ज एवं पाचन स्वास्थ्य में फलों की भूमिका -कब्ज अनेक रोगों का कारण बन सकती है, इसलिए स्वस्थ जीवन के लिए कब्ज से बचाव आवश्यक है। इस दृष्टि से फल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।
3.1 मल त्याग में सहायक फल- अंजीर, संतरा, बेर, खजूर
ये फल नियमित मल त्याग में सहायक होते हैं।
3.2 कब्ज दूर करने वाले फल- बेर, अंतास, आड़ू
ये फल कब्ज निवारण में विशेष लाभकारी माने गए हैं।
3.3 गुर्दों को सुदृढ़ करने वाले फल- किशमिश, आड़ू, अंगूर
इनका सेवन गुर्दों को मजबूत बनाने में सहायक माना गया है।
