अध्याय-3 शीतल एवं उष्ण फल: गुण, पोषण और चिकित्सा उपयोग
Synopsis
खट्टे बेर- स्वभाव एवं गुण- खट्टे बेर खाने से खांसी और जुकाम हो जाता है। यह ठंडा और सूखा होता है। गर्म स्वभाव वालों के लिए लाभकारी है। प्यास बुझाता है और भूख बढ़ाता है।
शरीर पर प्रभाव- रक्त को शुद्ध करता है। दृष्टि में सुधार करता है। रक्त के थक्के और आंतों की सूजन को दूर करता है। लीवर के लिए लाभकारी है। वीर्य बढ़ाता है।
विशेष प्रकार- तरश बेर पित्त और प्यास को दूर करता है। पीर आसानी से पच जाता है, काई और प्यास को दूर करता है। काजा बेर से दालें बनती हैं और यह कामोत्तेजक होता है।
उपयोग- यह एक गर्म फल है। इसे कच्चा और पकाकर दोनों तरह से खाया जाता है। यह सब्जियों में भी सब्जी की तरह और फलों में भी फल की तरह प्रयुक्त होता है।
रोगों में लाभ- कब्ज दूर करता है। लीवर और आंतों को मजबूत बनाता है। तिल्ली को कम करता है। पुरानी कब्ज, खूनी बवासीर और अपच में अत्यंत लाभकारी। इसका रस अनियमित मासिक धर्म के लिए उत्तम उपचार है। महिलाओं में दूध बढ़ाता है।
