अध्याय-4 आयुर्वेदिक फल वर्ग – स्वास्थ्य संरक्षण का प्राकृतिक आधार
Synopsis
बेहि (Quince/बीहीदाना)
या कुछ संदर्भों में सीताफल (कस्टर्ड एप्पल)
बेहि शीतलता और कसैलापन लिए फल है। यह पारंपरिक चिकित्सा में शीतल और संतुलनकारी फल के रूप में जाना जाता है। बेहि (Quince) को पारंपरिक चिकित्सा में अपनी ठंडी तासीर (शीतलता) और कसेले (Astringent) स्वाद के लिए जाना जाता है। यह फल शरीर में पित्त और कफ को संतुलित करने, पाचन सुधारने और शरीर को प्राकृतिक शीतलता प्रदान करने के लिए आयुर्वेदिक और पारंपरिक चिकित्सा में विशेष रूप से उपयोग किया जाता है।
मुख्य गुण- गर्मी से होने वाले सिरदर्द में राहत, सर्दी-जुकाम और खांसी में लाभकारी, मूत्रवर्धक (Diuretic), गुर्दे, यकृत और प्लीहा के रोगों में उपयोगी, हृदय, मस्तिष्क और फेफड़ों से गर्मी दूर करता है। मुंह से खून बहना रोकता है।
पोषण संबंधी संकेत
पोषक तत्व (सामान्यतः)
संभावित लाभ
प्राकृतिक शर्करा
ऊर्जा प्रदान
खनिज तत्व
अंगों की क्रियाशीलता
कसैले तत्व (टैनिन)
रक्तस्राव रोकने में सहायक
जलांश
शरीर को शीतलता
शरीर के लिए उपयोगिता- बेहि शरीर की आंतरिक गर्मी को संतुलित करता है। यह मूत्रवर्धक प्रभाव के कारण गुर्दों की सफाई में सहायक होता है तथा यकृत एवं प्लीहा की कार्यप्रणाली को संतुलित रखने में मदद करता है।
किन रोगों में सहायक- सिरदर्द (गर्मीजन्य), सर्दी-जुकाम, खांसी, गुर्दे एवं यकृत विकार, प्लीहा रोग, मुख से रक्तस्राव
