अध्याय-9 विभिन्न खाद्य पदार्थ और उनके पोषक तत्व
Synopsis
1. गेहूं की रोटी (Wheat Roti)-
गेहूँ (Wheat)
पोषण, प्रसंस्करण विधि, स्वास्थ्य प्रभाव एवं उपयोगिता- गेहूँ मानव आहार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं व्यापक रूप से उपभोग किया जाने वाला प्रमुख खाद्यान्न है। यह शरीर को ऊर्जा और आवश्यक पोषण प्रदान करने वाला मूल अनाज है। आधुनिक पोषण विज्ञान के अनुसार इसमें पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च), प्रोटीन, विटामिन बी-समूह, फॉस्फोरस, आयरन तथा फाइबर पाए जाते हैं, जो शारीरिक विकास, ऊतक निर्माण और दैनिक कार्यों के संचालन के लिए आवश्यक माने जाते हैं।
2. पोषण संरचना (प्रति 100 ग्राम संपूर्ण गेहूँ – अनुमानित)
पोषक तत्व
अनुमानित मात्रा
शारीरिक उपयोगिता
कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च)
65–70 ग्राम
ऊर्जा का प्रमुख स्रोत
प्रोटीन
11–13 ग्राम
ऊतक निर्माण व मरम्मत
फाइबर
10–12 ग्राम
पाचन एवं आंत स्वास्थ्य
आयरन
3–4 मि.ग्रा.
रक्त निर्माण
फॉस्फोरस
300–350 मि.ग्रा.
हड्डियाँ एवं कोशिकीय कार्य
विटामिन B-समूह
पर्याप्त मात्रा
तंत्रिका तंत्र व चयापचय
मैग्नीशियम (प्राकृतिक रूप से उपस्थित)
मध्यम
मांसपेशी एवं तंत्रिका संतुलन
3. आटा पीसने की विधि एवं उसका प्रभाव -पारंपरिक विधि - पूर्वकाल में गेहूँ का आटा हाथ की चक्की, खोरा या पैन मिल से पीसा जाता था। इस पद्धति में दाने का चोकर (ब्रान) सुरक्षित रहता था, जिससे आटे में फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा संरक्षित रहती थी।
आधुनिक मशीन पिसाई- वर्तमान समय में अधिकांश आटा मशीनों द्वारा तैयार किया जाता है। यदि इस प्रक्रिया में चोकर अलग कर दिया जाए—जैसे मैदा या अत्यधिक परिष्कृत आटा—तो पोषक तत्वों की मात्रा घट सकती है। ऐसे परिष्कृत आटे से बनी रोटी का अधिक सेवन कुछ व्यक्तियों में पाचन संबंधी समस्याएँ, विशेषकर कब्ज, उत्पन्न कर सकता है।
संपूर्ण गेहूँ का आटा (Whole Wheat)- अधिक रेशेदार, हल्का, पाचन में सहायक, मल त्याग को नियमित रखने वाला, आंतों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
4. संभावित स्वास्थ्य लाभ- संपूर्ण गेहूँ की रोटी के नियमित सेवन से निम्न लाभ प्राप्त हो सकते हैं: पाचन क्रिया संतुलित रहती है, कब्ज की संभावना कम होती है, शरीर को निरंतर ऊर्जा मिलती है, आयरन की उपस्थिति के कारण रक्त निर्माण में सहायता मिल सकती है, हड्डियों एवं मांसपेशियों को पोषण प्राप्त होता है, कुछ पारंपरिक मान्यताओं में यह माना जाता है कि संपूर्ण गेहूँ पेट और आंतों को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है। तथापि अल्सर, पित्त की पथरी या अन्य गंभीर
